शिक्षा मंत्रालय के अनुसार अब तक देश के 14,500 सरकारी स्कूलों का चयन PM SHRI योजना के तहत पूरा हो चुका है। अगर आपके जिले का कोई सरकारी स्कूल अब तक इस सूची में शामिल नहीं हुआ, तो 2024-25 के चयन चक्र में अपना मौका गँवाना आसान नहीं है। राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रधानाचार्यों के लिए यह समझना जरूरी है कि चयन की कसौटी क्या है, केंद्र कितनी रकम देगा, और आवेदन का सही तरीका कौन सा है।
- अगर आपके जिले का कोई सरकारी स्कूल अब तक इस सूची में शामिल नहीं हुआ, तो 2024-25 के चयन चक्र में अपना मौका गँवाना आसान नहीं है
- राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रधानाचार्यों के लिए यह समझना जरूरी है कि चयन की कसौटी क्या है, केंद्र कितनी रकम देगा, और आवेदन का सही तरीका कौन सा है
- मंत्रालय और केंद्रीय प्रायोजन का ढांचा
- पीएम श्री (PM Schools for Rising India) योजना को 5 सितंबर 2022 — शिक्षक दिवस पर — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषित किया था
- PM SHRI योजना क्या है? मंत्रालय और केंद्रीय प्रायोजन का ढांचा
- चयन के आधार और पात्रता मानदंड: कौन स्कूल बनेगा PM SHRI
- वित्तीय सहायता और केंद्र-राज्य वित्त हिस्सेदारी का पूरा ब्यौरा
- स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लैब व आधुनिक अवसंरचना — मुख्य लाभ
- केंद्रीय विद्यालय स्तर की शिक्षण गुणवत्ता: कैसे मिलेगा लाभ
- आवश्यक दस्तावेज चेकलिस्ट और ऑनलाइन आवेदन की 5-चरणीय प्रक्रिया
- साइबर धोखाधड़ी चेतावनी: नकली पोर्टल व फर्जी संदेशों से बचाव
- अक्सर पूछे गए सवाल और आधिकारिक स्रोत डिस्क्लेमर
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
PM SHRI योजना क्या है? मंत्रालय और केंद्रीय प्रायोजन का ढांचा
पीएम श्री (PM Schools for Rising India) योजना को 5 सितंबर 2022 — शिक्षक दिवस पर — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषित किया था। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सीधी पैदावर है, जिसका लक्ष्य मौजूदा सरकारी स्कूलों को केंद्रीय विद्यालय जैसी अवसंरचना और शिक्षण गुणवत्ता देना है। कोई नया स्कूल नहीं खुलेगा; बल्कि चयनित स्कूलों का उन्नयन (upgrade) होगा।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार पूरी योजना की केंद्रीय प्रायोजक है। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश कार्यान्वयन की साझेदार हैं। कुल वित्तीय परिव्यय 27,360 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक की पाँच वर्षीय अवधि में खर्च होगा।
| विवरण | संख्या / राशि |
|---|---|
| चयनित स्कूलों की कुल संख्या | 14,500 |
| कुल वित्तीय परिव्यय | 27,360 करोड़ रुपये |
| अवधि | 2022-23 से 2026-27 |
| प्रायोजक मंत्रालय | शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार |
| आधिकारिक पोर्टल | pmshri.education.gov.in |
इन 14,500 स्कूलों में से अधिकांश राज्य सरकार के स्कूल हैं, कुछ केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय भी शामिल हैं। हर चयनित स्कूल एक ‘मॉडल’ के रूप में काम करेगा — आस-पास के स्कूल इससे सीखेंगे और धीरे-धीरे उन्नत होंगे।
चयन के आधार और पात्रता मानदंड: कौन स्कूल बनेगा PM SHRI
चयन प्रतिस्पर्धात्मक (competitive) है। कोई स्कूल सिर्फ इसलिए नहीं चुना जाएगा कि वह किसी विशेष विधायक के क्षेत्र में है। शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चयन तीन स्तरों पर होगा: राज्य स्तर, जिला स्तर और अंतिम राष्ट्रीय स्तर।
पात्रता की बुनियादी शर्तें
- स्कूल को राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार या केंद्रीय शिक्षा संस्थान (KVS, NVS) द्वारा संचालित होना चाहिए।
- निजी स्कूल का कोई प्रवेश नहीं।
- स्कूल में कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक), 1 से 8 (प्राथमिक + उच्च प्राथमिक), या 1 से 10/12 (माध्यमिक/उच्च माध्यमिक) तक का पूरा संरचनात्मक ढांचा होना चाहिए।
- UDISE+ कोड अनिवार्य है — बिना इसके आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
चयन के मुख्य मानदंड
मंत्रालय ने छह बड़े स्तंभों पर अंक दिए हैं:
- शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया: परिणाम आधारित शिक्षा, अनुभवजन्य अधिगम, 21वीं सदी के कौशल।
- अवसंरचना व संसाधन: भवन, पुस्तकालय, खेल का मैदान, स्वच्छता इकाई, पेयजल सुविधा।
- समावेशन और लिंग समानता: CWSN (Divyang) अनुकूल अवसंरचना, बालिका नामांकन अनुपात।
- शैक्षणिक प्रगति: शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक, परीक्षा परिणाम, संक्रमण दर।
- स्कूल सुरक्षा व सुविधाएं: सीसीटीवी, बाउंड्री वाल, मिड-डे मील की गुणवत्ता।
- सामुदायिक सहभागिता व प्रशासन: SMC/SDMC की सक्रियता, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन।
हर राज्य अपने स्कूलों को इन मानदंडों पर आंकता है। शीर्ष रैंक वाले स्कूल राज्य सूची में जाते हैं, फिर केंद्रीय स्तर पर अंतिम स्नेहन (shortlisting) होता है। जिन स्कूलों का चयन एक बार हो गया, वे पाँच साल तक PM SHRI के रूप में बने रहेंगे — बशर्ते वे वार्षिक समीक्षा में न्यूनतम अंक प्राप्त करते रहें।
वित्तीय सहायता और केंद्र-राज्य वित्त हिस्सेदारी का पूरा ब्यौरा
यहाँ अधिकारियों को सबसे ज्यादा उलझन वित्त हिस्सेदारी को लेकर होती है। योजना सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम (CSS) है, इसलिए राज्यों को भी अपनी जेब से निकालना पड़ता है।
| राज्य/UT का प्रकार | केंद्र का हिस्सा | राज्य का हिस्सा |
|---|---|---|
| सामान्य राज्य | 60% | 40% |
| उत्तर-पूर्वी राज्य व हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर | 90% | 10% |
| केंद्र शासित प्रदेश (UTs) — दिल्ली, चंडीगढ़ आदि | 100% | 0% |
प्रति स्कूल वित्तीय सहायता की राशि स्कूल के स्तर (प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक) और विद्यार्थी संख्या के आधार पर तय होती है। अधिकृत दस्तावेजों में प्राथमिक स्तर के स्कूल के लिए लगभग 2-3 करोड़ रुपये और उच्च माध्यमिक स्तर के लिए अधिकतम 5-6 करोड़ रुपये प्रति स्कूल का उल्लेख है। यह राशि एकमुश्त नहीं मिलेगी — पाँच साल में किस्तों में आएगी, हर साल विशिष्ट घटकों (smart classroom, lab, library) के लक्ष्यों की पूर्ति पर।
अगर कोई राज्य अपना 40% हिस्सा देने में कसर रखता है, तो केंद्रीय किस्त रुक सकती है। यह बात वित्त विभाग के अधिकारियों को साफ समझानी चाहिए — राज्य का मैचिंग ग्रांट बजट में समय रहते आरक्षित करना पड़ता है।
स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लैब व आधुनिक अवसंरचना — मुख्य लाभ
PM SHRI स्कूल का दृश्य एक साधारण सरकारी स्कूल से बिल्कुल भिन्न होगा। चयन के बाद निम्नलिखित अवसंरचना सुविधाएं प्राथमिकता के क्रम में दी जाएंगी:
- स्मार्ट क्लासरूम: इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, प्रोजेक्टर, शिक्षक को डिजिटल कंटेंट तैयार करने का ट्रेनिंग।
- कंप्यूटर/डिजिटल लैब: कम से कम 20 कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, शैक्षणिक सॉफ्टवेयर।
- विज्ञान लैब: अनुभवजन्य शिक्षण के लिए उपकरण और रसायन।
- मॉडर्न लाइब्रेरी: डिजिटल व प्रिंट संसाधन, पढ़ने का आरामदायक कक्ष।
- वॉश सुविधाएं: स्वच्छ शौचालय, पेयजल, हाथ धोने की सुविधा — विशेषकर बालिकाओं के लिए।
- खेल व कला सुविधाएं: खेल का सामग्री, कला कक्ष, संगीत वाद्य।
- CWSN अनुकूल अवसंरचना: रैंप, टॉयलेट, ब्रेल किताबें, साइन लैंग्वेज संसाधन।
प्रधानाचार्य को याद रखना चाहिए — उपकरण मिलना आधा काम है, शिक्षकों को उनका उपयोग करना सिखाना असल चुनौती है। बिना ट्रेनिंग के स्मार्ट बोर्ड दीवार पर टांगा रहेगा।
केंद्रीय विद्यालय स्तर की शिक्षण गुणवत्ता: कैसे मिलेगा लाभ
PM SHRI का मूलमंत्र है — ‘नीचे से ऊपर तक’ (bottom-up) परिवर्तन। केंद्रीय विद्यालयों की सफलता सिर्फ इमारत की नहीं, शिक्षण पद्धति की है। वही पद्धति अब PM SHRI स्कूलों में लागू होगी:
मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में प्रारंभिक शिक्षण (NEP 2020 का 3+2+3+3+4 ढांचा), परियोजना आधारित अधिगम, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को मुख्यधारा में लाना, और विद्यार्थी आधारित मूल्यांकन (no rote learning)। सीबीएसई (CBSE) का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन ढांचा अपनाया जाएगा, जिससे बोर्ड परीक्षा में इन स्कूलों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन सुधरेगा।
शिक्षक प्रशिक्षण के लिए एनसीईआरटी (NCERT) और सीआईईटी (CIET) की सामग्री इस्तेमाल होगी। विद्यालय विकास और समीक्षा समिति (SDMC) को अधिकार दिए जाएंगे ताकि स्कूल स्तर पर फैसले तेज हों। डिजिटल अटेंडेंस, फी-कलेक्शन और शिक्षण अनुभव का रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा — पारदर्शिता बढ़ेगी।
एक बात साफ — PM SHRI स्कूल का विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई में नहीं, संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में आगे निकलेगा। क्रिएटिविटी, क्रिटिकल थिंकिंग, कम्युनिकेशन और कोलैबोरेशन — इन 4C कौशलों पर जोर है।
आवश्यक दस्तावेज चेकलिस्ट और ऑनलाइन आवेदन की 5-चरणीय प्रक्रिया
आवेदन केवल ऑनलाइन होगा — pmshri.education.gov.in पोर्टल के जरिए। कोई ऑफलाइन फॉर्म स्वीकार नहीं।
दस्तावेज चेकलिस्ट
- UDISE+ कोड (सबसे जरूरी — बिना इसके आवेदन रिजेक्ट होगा)
- स्कूल का संबंधन पत्र / मान्यता पत्र
- भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र
- विद्यार्थी नामांकन विवरण (कक्षा-वार, लिंग-वार)
- शिक्षक व कर्मचारी विवरण (योग्यता, नियुक्ति प्रकार)
- मौजूदा अवसंरचना की फोटो (बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी, टॉयलेट)
- SDMC/SMC की बैठक की कार्यवाही विवरण
- पिछले 3 वर्षों के शैक्षणिक परिणाम
- बैंक खाता विवरण (स्कूल का, DBT हस्तांतरण के लिए)
- राज्य शिक्षा विभाग की अनुशंसा पत्र (जहां लागू हो)
5-चरणीय आवेदन प्रक्रिया
- पोर्टल रजिस्ट्रेशन: UDISE+ कोड से लॉगिन बनाएं। ईमेल और मोबाइल वेरिफाई होंगे।
- स्कूल प्रोफाइल भरें: भौगोलिक स्थिति, विद्यार्थी संख्या, शिक्षक संख्या, अवसंरचना — सब सेल्फ-अटेस्टेशन आधार पर।
- दस्तावेज अपलोड: PDF/जेपीईजी फॉरमैट में, साईज लिमिट के भीतर। धुंधली फोटो रिजेक्ट हो सकती है।
- राज्य स्तरीय सत्यापन: राज्य शिक्षा विभाग आपका डेटा वेरिफाई करेगा — साइट विजिट भी हो सकती है।
- केंद्रीय स्नेहन व परिणाम: शिक्षा मंत्रालय अंतिम सूची जारी करेगा। पोर्टल पर स्टेटस देखें।
अंतिम तिथि हर चयन चक्र के साथ बदलती है — पोर्टल पर चेक करें। आवेदन के बाद स्टेटस ‘पेंडिंग’, ‘अंडर वेरिफिकेशन’, ‘सिलेक्टेड’, या ‘रिजेक्टेड’ में से कोई एक दिखेगा।
साइबर धोखाधड़ी चेतावनी: नकली पोर्टल व फर्जी संदेशों से बचाव
चेतावनी: पिछले कुछ महीनों में कई राज्यों में नकली वेबसाइट्स और फर्जी मैसेज देखे गए हैं जो PM SHRI चयन का झूठा वादा करते हैं।
- आधिकारिक पोर्टल केवल pmshri.education.gov.in है। डोमेन .gov.in पर समाप्त होना चाहिए।
- कोई भी व्हाट्सएप/टेलीग्राम मैसेज जो ‘गारंटीड सिलेक्शन’ का दावा करे — 100% फर्जी है। चयन में कोई मिडिलमैन नहीं।
- किसी भी व्यक्ति या एजेंसी से आवेदन सहायता के नाम पर पैसे मांगे जाएं तो तुरंत साइबर क्राइम सेल को रिपोर्ट करें।
- पोर्टल पर कभी भी अपना बैंक OTP किसी को शेयर न करें। फंड ट्रांसफर सीधे स्कूल के खाते में होगा।
- अगर ईमेल या SMS में लिंक हो जो pmshri से मिलता-जुलता हो लेकिन .gov.in न हो — उस पर क्लिक मत करें। फिशिंग साइट हो सकती है।
अक्सर पूछे गए सवाल और आधिकारिक स्रोत डिस्क्लेमर
नीचे कुछ सवालों के जवाब दिए गए हैं जो प्रधानाचार्य और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अक्सर पूछते हैं। ये जवाब शिक्षा मंत्रालय की अधिकृत गाइडलाइन पर आधारित हैं, लेकिन अंतिम सत्यापन हमेशा पोर्टल से करें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी शिक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक अधिसूचनाओं और NEP 2020 दस्तावेजों पर आधारित है। योजना की शर्तें, वित्तीय राशि और चयन प्रक्रिया समय-समय पर संशोधित हो सकती है। कृपया निर्णय लेने से पहले pmshri.education.gov.in और अपने राज्य शिक्षा विभाग की अधिकृत वेबसाइट की पुष्टि अवश्य करें। लेखक या प्रकाशक कोई भ्रामक गारंटी नहीं देता।
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FAQ
क्या कोई नया स्कूल PM SHRI के तहत खोला जाएगा?
नहीं। PM SHRI योजना के तहत कोई नया स्कूल नहीं खुलेगा। केवल मौजूदा सरकारी स्कूलों का उन्नयन होगा ताकि वे केंद्रीय विद्यालय जैसी अवसंरचना और शिक्षण गुणवत्ता हासिल कर सकें।
एक बार चयन के बाद स्कूल PM SHRI कितने समय तक बना रहेगा?
चयनित स्कूल पाँच वर्ष तक PM SHRI के रूप में बना रहेगा, बशर्ते वह वार्षिक समीक्षा में न्यूनतम प्रदर्शन स्तर बनाए रखे। अगर समीक्षा में स्कूल न्यूनतम अंक से नीचे गिरता है, तो उसका दर्जा रद्द हो सकता है।
क्या निजी स्कूल PM SHRI के लिए आवेदन कर सकते हैं?
बिल्कुल नहीं। PM SHRI योजना केवल सरकारी स्कूलों — राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश, KVS, और NVS द्वारा संचालित स्कूलों — तक सीमित है। निजी स्कूल पात्र नहीं हैं, चाहे वे सरकार से मान्यता प्राप्त क्यों न हों।
UDISE+ कोड क्या है और यह कहाँ से मिलेगा?
UDISE+ कोड शिक्षा मंत्रालय का एक अद्वितीय पहचान संख्या है जो हर मान्यता प्राप्त स्कूल को दी जाती है। यह आपके राज्य शिक्षा विभाग या UDISE+ पोर्टल से प्राप्त किया जा सकता है। इसके बिना PM SHRI आवेदन संभव नहीं है।
अगर हमारा स्कूल पहली बार नहीं चुना गया, तो क्या दोबारा आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, अगर आपका स्कूल पिछले चयन चक्र में नहीं चुना गया, तो अगले चक्र में दोबारा आवेदन किया जा सकता है। इस बीच स्कूल को चयन मानदंडों (अवसंरचना, शैक्षणिक परिणाम, समावेशन) में सुधार लाना चाहिए ताकि अगली बार अंक बढ़ें।
